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30 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। नवरात्रि की शुरुआत में माता रानी किसी खास वाहन पर सवार होकर आती है। इस बार माता रानी शेर नहीं बल्कि हाथी पर आगमन कर रही हैं। इसके साथ ही हाथी पर ही मां दुर्गी घरती पर प्रस्थान करने वाली है। आइए ऐसे में जानते हैं कि मां दुर्गा का वाहन हाथी होने का क्या मतलब है?
दरअसल रविवार के दिन से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इसलिए माता रानी का वाहन हाथी होने वाला है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, हाथी पर मां दुर्गा का आना बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है। हाथी को सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि जिस साल मां का आगमन और प्रस्थान हाथी पर होता है, उस साल देश में अच्छी बारिश और फसलों की अच्छी पैदावार रहती है। साथ ही धन-धान्य में भी वृद्धि होती है। मां का प्रस्थान भी हाथी पर ही होगा। ऐसे में मां जाते-जाते भी भक्तों को आर्थिक तरक्की और खुशहाली का आशीर्वाद देकर प्रस्थान करेंगी।
ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर आप पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। इसके बाद उस पर गंगाजल का छिड़काव करें। देवी मां को लाल रंग की चुनरी और फुल चढ़ाएं। पूजा में चना और खीर का प्रसाद चढ़ाएं। पूजा स्थल पर धूपबत्ती और देसी घी का दीपक जलाएं। इससे आपके घर में शांति का संचार होगा। पूजा के दौरान दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें। पूजा के अंत में मां दुर्गा से अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगे। साथ ही उनसे आशीर्वाद भी लें।
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