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Laxmii Movie Review: दीवाली में फीकी पड़ी अक्षय की 'लक्ष्मी', यहां कमजोर हुई फिल्म

अक्षय कुमार और कियारा आडवाणी की फिल्म लक्ष्मी रिलीज हो गई है। लेकिन यहां जानिए कहां दिल जीतने की बजाए फीकी पड़ बैठी ये फिल्म।

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By Deepakshi | मनोरंजन - 10 November 2020

फिल्म का नाम: लक्ष्मी

फिल्म लक्ष्मी कास्ट: अक्षय कुमार, कियारा आडवाणी, शरद केलकर, आयशा रज़ा मिश्रा और अश्विनी कालसेकर

डायरेक्टर: राघव लॉरेंस

रेटिंग: 2 स्टार्स

फिल्म की कहानी

लक्ष्मी फिल्म की कहनी हरियाणा के रेवाड़ी के निवासी आसिफ (जिसका किरदार अक्षय ने निभाया है) और रश्मि ( कियारा आडवाणी ने ये किरदार निभाया है) के आसपास घूमती हुई नजर आती है। दोनों की शादी तीन साल पहले हो गई थी इसके बावजूद रश्मि की फैमिली ने उससे दूरी बनाई रखी थी क्योंकि उसने दूसरे धर्म के लड़के से शादी की थी। इसके बाद रश्मि की मां अपनी शादी की सालगिरह को सेलिब्रेट करने के लिए उसे अपने घर वापस बुलाती है। ताकि पिता संग रश्मि के रिश्ते सुधारे जा सकें । इसके बाद रश्मि, आसिफ और शान वहां पहुंचते हैं। राश्मि के भाई दीपक (जिसका किरदार मनु ऋषि निभा रहे हैं) और वहीं, उसकी पत्नी अश्विनी (जिसका किरदार अश्विनी कालसेकर निभा रही हैं) वो आसिफ को खुशी-खुशी स्वीकार कर लेते हैं। लेकिन रश्मि के पिता नाराज ही रहते हैं। दीपक का काम जगराता में गाने का होता है।

फिल्म में आसिफ एक शापित जमीन के पास से गुजरता है जो रश्मि के परिवार के घर में अजीब और डरवानी गतिविधियों का कारण बनती है। भटकती हुई परछाई को देखने से लेकर घर के सदस्यों द्वारा हंसने की आवाज़ सुनाई देने से उनका पूरा घर पागल हो जाता है। तमिल फिल्म की तरह ही रश्मि की मां और भाभी (अश्विनी कालसेकर) ने घर में रहने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाती है। ताकि इन सब चीजों से छुटकारा पाया जा सकें।

इस बीच, आसिफ के व्यवहार में बदलाव दिखाई देता है। उसे स्टोर पर साड़ी पहनने, चूड़ियों के साथ खेलने और हल्दी के साथ नहाते हुए देखा जाता है। परिवार के सदस्यों को आखिर ये एहसास होता है कि आसिफ पर कोई भूत चढ़ा हुआ है। एक बाबा की मदद से आसिफ लक्ष्मी की आत्मा से छुटकारा तो पा लेता है ,लेकिन जब वो लक्ष्मी की कहानी सुनता है तो क्लाइमैक्स में उसका बदला पूरा करने के लिए कोई बड़ा कदम उठाता है। अब क्या फिल्म में आसिफ लक्ष्मी का बदला ले पता है या नहीं ये जानने के लिए आपको पूरी फिल्म देखनी होगी। 

रिव्यू:

आपने यदि एक्टर राघव लॉरेंस की फिल्म कंचना को देखा है तो ये फिल्म आपको कही न कही थोड़ी फीकी लगेगी। लेकिन इस फिल्म का पहला सीन काफी ज्यादा जबरदस्त है जब अक्षय कुमार एंट्री करते हैं। एक्टर ने अपनी परफॉमर्स इस फिल्म में जमकर दी है। कॉमेडी का तड़का लगाते हुए उन्होंने इस फिल्म में एक सीरियस टच भी दिया है। आयशा रज़ा मिश्रा और अश्विनी कालसेकर माँ और बहू के रूप में शानदार तरीके से बॉन्ड शेयर करते हुए नजर आए हैं। लेकिन काश अक्षय और कियारा के बीच भी ऐसी बॉन्ड देखने को मिलती। फिल्म में कियारा कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई है। फिल्म में शरद केलकर ने लक्ष्मी की भूमिका निभाई है। अभिनेता ने इसमें एक यादगार प्रदर्शन दिया है। लेकिन फिल्म के अंदर अक्षय और शरद का फॉलो बेहतरीन तरीके से मैच होता हुआ नजर नहीं आया है। दोनों का एक्ट एक-दूसरे से बिल्कुल अलग लगा है।

फिल्म के गाने

फिल्म के गानों की बात करें तो बम बोले काफी अच्छा रहा है। लेकिन बाकी गानों की बात करें जैसे बुर्ज खलीफा और अपना टाइम आएगा जबरदस्ती फिल्म में डाले गए हैं। फिल्म में ऐसे भी सीन हैं जहां राघव पश्चिम के कुछ प्रतिष्ठित डरावने कैरेक्टर जैसे आईटी से पेनीवाइज का दौरा करते हैं। 

निष्कर्ष:

लक्ष्मी बॉम्ब इस दीवाली आपके मनोरंजन के लिए एक परफेक्ट सोर्स हो सकती है। 

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