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कौन बनेगा बिग बॉस 13 का विजेता? कुछ घंटों में बिग बॉस 13 का विजेता सामने आ जाएगा। अंतिम 6 प्रतियोगी फा

कौन बनेगा बिग बॉस 13 का विजेता? कुछ घंटों में बिग बॉस 13 का विजेता सामने आ जाएगा। अंतिम 6 प्रतियोगी फाइनल में पहुंच गए हैं और सभी तगड़े दावेदार हैं। सीज़न 13 बिग बॉस के इतिहास का सबसे लोकप्रिय सीज़न रहा है और इसी कारण कुछ दिनों का विस्तार भी कर दिया गया है। आइए देखते हैं कि किसका दावा क्यों मजबूत और कमजोर है।  सिद्धार्थ शुक्ला  सिद्धार्थ शुक्ला का दावा सबसे मजबूत नजर आ रहा है। वे इस शो में भाग लेने वाले सबसे लोकप्रिय व्यक्ति हैं। टीवी की दुनिया का जाना-पहचाना नाम है और लोग उन्हें पहले से ही जानते हैं। इस शो में उन्होंने अपना एंग्री-यंग मैन रूप दिखाया जिसके कारण उन्हें बहुत लोकप्रियता मिली। वन मैन आर्मी की तरह वे सभी से लड़ते रहे और अपना पक्ष मजबूती से रखा। शहनाज़ के साथ उनके खट्टे-मीठे रिश्ते लोगों को गुदगुदाते रहे। असीम से दोस्ती और दुश्मनी उन्होंने शिद्दत से निभाई। पारस और माहिरा से दोस्ती शो के अंत तक निभाई। वे ढुलमुल नहीं रहे और सीधी लकीर पर चले। इस कारण उन्हें काफी पसंद किया गया। एक हीरो की तरह शख्सियत होने के कारण लड़कियों में वे बेहद लोकप्रिय हैं। पूरा शो सिद्धार्थ बनाम अन्य प्रतियोगी रहा और सलमान ने भी स्वीकारा कि सिद्धार्थ ही यह शो अपने हिसाब से चला रहे हैं।    कमजोरी:  सिद्धार्थ का माइनस पाइंट यह रहा कि विवादों के कारण उनका जुबां पर नियंत्रण नहीं रहा। कई बार वे सीमा पार कर गए। महिलाओं का अपमान करने के आरोप भी उन पर लगे, हालांकि सिद्धार्थ ने हमेशा कहा कि सामने वाले ने उन्हें उकसाया इसलिए वे ज्यादा बोल गए, लेकिन इससे उनके कई आलोचक भी पैदा हो गए।  आसिम रियाज़  आसिम रियाज़ शो की शुरुआत में अपनी खोल में रहे। धीरे-धीरे उन्होंने सिद्धार्थ शुक्ला से दोस्ती गांठी और अपनी पहचान बनाई। सिद्धार्थ की छाया में रहने के कारण उन्हें भी लोकप्रियता मिली। सिद्धार्थ का उन्होंने पूरी तरह साथ दिया। फिर सिद्धार्थ से दुश्मनी हो गई। पहले शो में एक पारस की गैंग थी और दूसरी सिद्धार्थ की। बाद में पारस की जगह आसिम ने ली। सिद्धार्थ से उन्होंने जम कर पंगा लिया और अपनी स्थिति मजबूत करते चले गए। शो में सबसे बेहतरीन बॉडी उनकी है जिसका उन्होंने जम कर प्रदर्शन किया और लड़कियों ने आहें भरी। हिमांशी खुराना के आने के बाद आसिम ने उनसे एकतरफा प्यार किया। बाद में हिमांशी भी उन्हें चाहने लगी। इस लव स्टोरी से भी वे सुर्खियों में रहे और कई बार उन्होंने समझदारी का भी परिचय दिया। वे भी सिद्धार्थ की तरह शो जीतने के तगड़े दावेदार हैं।    कमजोरी:  आसिम ने सिद्धार्थ को जम कर उकसाया। मनोरंजन के नाम पर वे यही करते रहे जिससे उनकी लोकप्रियता गिरी। हिमांशी से उनके एकतरफा प्यार के कारण उनका हिमांशी का रिश्ता भी टूट गया। इसके लिए भी उन्हें खूब सुनना पड़ी।  शहनाज़ गिल  अपने आप को पंजाब की कैटरीना कैफ कह कर तुरंत ही शहनाज़ गिल ने अपनी पहचान बना ली। यहां तक कि सलमान खान का भी दिल जीत लिया। पारस को शहनाज़ ने दिल दे दिया, लेकिन पारस को तो माहिरा पसंद थी। इस प्रेम-त्रिकोण का दर्शकों ने खूब मजा लिया। इसी कारण शहनाज़ की पारस और माहिरा से बहुत कम बनी। बाद में शहनाज़ का झुकाव सिद्धार्थ शुक्ला की तरफ हो गया। सिद्धार्थ का अटेंशन पाने के लिए शहनाज़ ने इतनी मासूमियत भरी हरकतें करी कि दर्शकों का खूब मनोरंजन हुआ। घर में कोई बात करने वाला नहीं मिला तो कौए से भी बात कर ली। शहनाज़ निश्चित रूप से बिग बॉस 13 की सबसे ज्यादा मनोरंजन प्रदान करने वाली सदस्य हैं। उन्होंने खूब हंसाया और दर्शकों का दिल जीता।    कमजोरी  शहनाज़ का ढुलमुल स्वभाव उनका माइनस पाइंट रहा। इस कारण कभी लोग उन्हें पसंद करते और कभी नापसंद। कभी-कभी उनके भोलेपन में चालाकी भी नजर आती है और यह बात नोटिस करने वाले लोग उन्हें नापसंद करते हैं।  रश्मि देसाई सिद्धार्थ की तरह रश्मि भी जाना-पहचाना नाम हैं। शो में आने के पहले उन्हें सिद्धार्थ से खुन्नस थी। दोनों की लड़ाई थी। शो में इस लड़ाई ने विकराल रूप ले लिया। रश्मि ने अपनी हर बात जोरदार तरीके से रखी। हमेशा स्टैंड लिया। कभी वे डरी या झुकी नहीं। अपने खास दोस्त अरहान के आने के बाद वे ताकतवर भी हुईं, लेकिन बाद में अरहान की पोल जब सामने आई तो यह बात रश्मि के लिए नुकसान वाली भी रही। रश्मि को पसंद करने वालों की बहुत बड़ी तादाद है और वे चौंकाने वाले परिणाम दे सकती हैं।    कमजोरी:  रश्मि के लिए अरहान कमजोरी साबित हुए। शो में जब अरहान आए तो उनके प्रेमी थे, लेकिन शो के दौरान ही रश्मि ने अरहान से रिश्ता तोड़ लिया। इस रिश्ते के कारण रश्मि की लोकप्रियता काफी नीचे आई है।  पारस छाबड़ा  संस्कारी प्लेबॉय के रूप में पारस छाबड़ा ने शो में कदम रखा था। उन पर माहिरा शर्मा और शहनाज़ गिल मर मिटी। पारस का झुकाव माहिरा की तरफ था और उनकी लव स्टोरी शो में लंबे समय तक चली। इस लव स्टोरी के बूते पर ही पारस आखिरी तक पहुंचे। शुरुआत में उनकी सिद्धार्थ से लड़ाई थी, लेकिन बाद में दोनों की पक्की दोस्ती हो गई। सिद्धार्थ-पारस की दोस्ती ने पारस को लोकप्रिय किया। बोलने में मुंहफट पारस किसी से भी उलझ जाते हैं। यहां तक कि सलमान खान से भी एक बार वे भिड़ लिए। वे एक रियलिटी शो जीत चुके हैं और यहां भी तगड़े दावेदार हैं।    कमजोरी:  पारस ने बहुत ही सुरक्षित तरीके से यह शो खेला है। फाइनल तक वे अपने इस दांवपेंच के कारण पहुंच गए हैं। पर अब यह दांव फाइनल में नहीं चलेगा। माहिरा का साथ भी छूट चुका है। बदजुबानी का खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ सकता है।    आरती  किसी ने नहीं सोचा था कि शो के फाइनल तक आरती पहुंचेगी। खुद आरती ने भी नहीं। शो के शुरुआत में वे खामोश और कमजोर लगीं। उन्हें स्लो और कन्फ्यूज भी कहा गया। लेकिन आरती वो खिलाड़ी साबित हुईं जो शुरुआत तो धीमी करता है, लेकिन बाद में आगे निकल जाता है। उन्होंने तगड़े खिलाड़ियों को पछाड़ दिया। आरती न सिद्धार्थ गुट में शामिल हुईं और न ही आसिम या पारस के गुट में। एकला चलो रे के बूते पर वे फाइनल तक आ पहुंची हैं। उनकी यही बात विजेता भी बना सकती है।    कमजोरी : फाइनल में पहुंचे अन्य प्रतियोगियों के मुकाबले आरती कमजोर नजर आ रही हैं। कई लोगों का मानना है कि वे भाग्य के सहारे यहां तक पहुंची हैं। क्या फाइनल में लक साथ देगा? 


कौन बनेगा बिग बॉस 13 का विजेता? कुछ घंटों में बिग बॉस 13 का विजेता सामने आ जाएगा। अंतिम 6 प्रतियोगी फाइनल में पहुंच गए हैं और सभी तगड़े दावेदार हैं। सीज़न 13 बिग बॉस के इतिहास का सबसे लोकप्रिय सीज़न रहा है और इसी कारण कुछ दिनों का विस्तार भी कर दिया गया है। आइए देखते हैं कि किसका दावा क्यों मजबूत और कमजोर है।  सिद्धार्थ शुक्ला  सिद्धार्थ शुक्ला का दावा सबसे मजबूत नजर आ रहा है। वे इस शो में भाग लेने वाले सबसे लोकप्रिय व्यक्ति हैं। टीवी की दुनिया का जाना-पहचाना नाम है और लोग उन्हें पहले से ही जानते हैं। इस शो में उन्होंने अपना एंग्री-यंग मैन रूप दिखाया जिसके कारण उन्हें बहुत लोकप्रियता मिली। वन मैन आर्मी की तरह वे सभी से लड़ते रहे और अपना पक्ष मजबूती से रखा। शहनाज़ के साथ उनके खट्टे-मीठे रिश्ते लोगों को गुदगुदाते रहे। असीम से दोस्ती और दुश्मनी उन्होंने शिद्दत से निभाई। पारस और माहिरा से दोस्ती शो के अंत तक निभाई। वे ढुलमुल नहीं रहे और सीधी लकीर पर चले। इस कारण उन्हें काफी पसंद किया गया। एक हीरो की तरह शख्सियत होने के कारण लड़कियों में वे बेहद लोकप्रिय हैं। पूरा शो सिद्धार्थ बनाम अन्य प्रतियोगी रहा और सलमान ने भी स्वीकारा कि सिद्धार्थ ही यह शो अपने हिसाब से चला रहे हैं।    कमजोरी:  सिद्धार्थ का माइनस पाइंट यह रहा कि विवादों के कारण उनका जुबां पर नियंत्रण नहीं रहा। कई बार वे सीमा पार कर गए। महिलाओं का अपमान करने के आरोप भी उन पर लगे, हालांकि सिद्धार्थ ने हमेशा कहा कि सामने वाले ने उन्हें उकसाया इसलिए वे ज्यादा बोल गए, लेकिन इससे उनके कई आलोचक भी पैदा हो गए।  आसिम रियाज़  आसिम रियाज़ शो की शुरुआत में अपनी खोल में रहे। धीरे-धीरे उन्होंने सिद्धार्थ शुक्ला से दोस्ती गांठी और अपनी पहचान बनाई। सिद्धार्थ की छाया में रहने के कारण उन्हें भी लोकप्रियता मिली। सिद्धार्थ का उन्होंने पूरी तरह साथ दिया। फिर सिद्धार्थ से दुश्मनी हो गई। पहले शो में एक पारस की गैंग थी और दूसरी सिद्धार्थ की। बाद में पारस की जगह आसिम ने ली। सिद्धार्थ से उन्होंने जम कर पंगा लिया और अपनी स्थिति मजबूत करते चले गए। शो में सबसे बेहतरीन बॉडी उनकी है जिसका उन्होंने जम कर प्रदर्शन किया और लड़कियों ने आहें भरी। हिमांशी खुराना के आने के बाद आसिम ने उनसे एकतरफा प्यार किया। बाद में हिमांशी भी उन्हें चाहने लगी। इस लव स्टोरी से भी वे सुर्खियों में रहे और कई बार उन्होंने समझदारी का भी परिचय दिया। वे भी सिद्धार्थ की तरह शो जीतने के तगड़े दावेदार हैं।    कमजोरी:  आसिम ने सिद्धार्थ को जम कर उकसाया। मनोरंजन के नाम पर वे यही करते रहे जिससे उनकी लोकप्रियता गिरी। हिमांशी से उनके एकतरफा प्यार के कारण उनका हिमांशी का रिश्ता भी टूट गया। इसके लिए भी उन्हें खूब सुनना पड़ी।  शहनाज़ गिल  अपने आप को पंजाब की कैटरीना कैफ कह कर तुरंत ही शहनाज़ गिल ने अपनी पहचान बना ली। यहां तक कि सलमान खान का भी दिल जीत लिया। पारस को शहनाज़ ने दिल दे दिया, लेकिन पारस को तो माहिरा पसंद थी। इस प्रेम-त्रिकोण का दर्शकों ने खूब मजा लिया। इसी कारण शहनाज़ की पारस और माहिरा से बहुत कम बनी। बाद में शहनाज़ का झुकाव सिद्धार्थ शुक्ला की तरफ हो गया। सिद्धार्थ का अटेंशन पाने के लिए शहनाज़ ने इतनी मासूमियत भरी हरकतें करी कि दर्शकों का खूब मनोरंजन हुआ। घर में कोई बात करने वाला नहीं मिला तो कौए से भी बात कर ली। शहनाज़ निश्चित रूप से बिग बॉस 13 की सबसे ज्यादा मनोरंजन प्रदान करने वाली सदस्य हैं। उन्होंने खूब हंसाया और दर्शकों का दिल जीता।    कमजोरी  शहनाज़ का ढुलमुल स्वभाव उनका माइनस पाइंट रहा। इस कारण कभी लोग उन्हें पसंद करते और कभी नापसंद। कभी-कभी उनके भोलेपन में चालाकी भी नजर आती है और यह बात नोटिस करने वाले लोग उन्हें नापसंद करते हैं।  रश्मि देसाई सिद्धार्थ की तरह रश्मि भी जाना-पहचाना नाम हैं। शो में आने के पहले उन्हें सिद्धार्थ से खुन्नस थी। दोनों की लड़ाई थी। शो में इस लड़ाई ने विकराल रूप ले लिया। रश्मि ने अपनी हर बात जोरदार तरीके से रखी। हमेशा स्टैंड लिया। कभी वे डरी या झुकी नहीं। अपने खास दोस्त अरहान के आने के बाद वे ताकतवर भी हुईं, लेकिन बाद में अरहान की पोल जब सामने आई तो यह बात रश्मि के लिए नुकसान वाली भी रही। रश्मि को पसंद करने वालों की बहुत बड़ी तादाद है और वे चौंकाने वाले परिणाम दे सकती हैं।    कमजोरी:  रश्मि के लिए अरहान कमजोरी साबित हुए। शो में जब अरहान आए तो उनके प्रेमी थे, लेकिन शो के दौरान ही रश्मि ने अरहान से रिश्ता तोड़ लिया। इस रिश्ते के कारण रश्मि की लोकप्रियता काफी नीचे आई है।  पारस छाबड़ा  संस्कारी प्लेबॉय के रूप में पारस छाबड़ा ने शो में कदम रखा था। उन पर माहिरा शर्मा और शहनाज़ गिल मर मिटी। पारस का झुकाव माहिरा की तरफ था और उनकी लव स्टोरी शो में लंबे समय तक चली। इस लव स्टोरी के बूते पर ही पारस आखिरी तक पहुंचे। शुरुआत में उनकी सिद्धार्थ से लड़ाई थी, लेकिन बाद में दोनों की पक्की दोस्ती हो गई। सिद्धार्थ-पारस की दोस्ती ने पारस को लोकप्रिय किया। बोलने में मुंहफट पारस किसी से भी उलझ जाते हैं। यहां तक कि सलमान खान से भी एक बार वे भिड़ लिए। वे एक रियलिटी शो जीत चुके हैं और यहां भी तगड़े दावेदार हैं।    कमजोरी:  पारस ने बहुत ही सुरक्षित तरीके से यह शो खेला है। फाइनल तक वे अपने इस दांवपेंच के कारण पहुंच गए हैं। पर अब यह दांव फाइनल में नहीं चलेगा। माहिरा का साथ भी छूट चुका है। बदजुबानी का खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ सकता है।    आरती  किसी ने नहीं सोचा था कि शो के फाइनल तक आरती पहुंचेगी। खुद आरती ने भी नहीं। शो के शुरुआत में वे खामोश और कमजोर लगीं। उन्हें स्लो और कन्फ्यूज भी कहा गया। लेकिन आरती वो खिलाड़ी साबित हुईं जो शुरुआत तो धीमी करता है, लेकिन बाद में आगे निकल जाता है। उन्होंने तगड़े खिलाड़ियों को पछाड़ दिया। आरती न सिद्धार्थ गुट में शामिल हुईं और न ही आसिम या पारस के गुट में। एकला चलो रे के बूते पर वे फाइनल तक आ पहुंची हैं। उनकी यही बात विजेता भी बना सकती है।    कमजोरी : फाइनल में पहुंचे अन्य प्रतियोगियों के मुकाबले आरती कमजोर नजर आ रही हैं। कई लोगों का मानना है कि वे भाग्य के सहारे यहां तक पहुंची हैं। क्या फाइनल में लक साथ देगा? 

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